डोनाल्ड ट्रंप ने इंटेल CEO लिप-बू टैन से तत्काल इस्तीफे की मांग की
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को अमेरिकी चिप निर्माता इंटेल के CEO लिप-बू टैन के तत्काल इस्तीफे की मांग की। यह कदम रिपब्लिकन सीनेटर टॉम कॉटन द्वारा टैन के चीन से जुड़े कंपनियों और राष्ट्रीय सुरक्षा पर संभावित खतरे को लेकर चिंता जताने के बाद आया।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, "इंटेल के CEO पर गंभीर टकराव के हालात हैं और उन्हें तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। इसका और कोई हल नहीं है।"
सीनेटर टॉम कॉटन के आरोप
कॉटन ने इंटेल के बोर्ड चेयर फ्रैंक यीरी को लिखे पत्र में दावा किया कि टैन दर्जनों चीनी कंपनियों में नियंत्रण रखते हैं या निवेशक हैं, जिनमें कम से कम आठ का संबंध चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से है। उन्होंने यह भी कहा कि टैन पहले कैडेंस डिजाइन सिस्टम्स के CEO थे, जिसने हाल ही में एक चीनी सैन्य विश्वविद्यालय को चिप डिजाइन सॉफ्टवेयर अवैध रूप से बेचने का अपराध स्वीकार किया है।
कॉटन ने सवाल उठाया कि क्या इंटेल बोर्ड को टैन की नियुक्ति से पहले इन मामलों और कैडेंस से जुड़े समन (subpoena) की जानकारी थी। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या टैन ने चीन की सैन्य या कम्युनिस्ट पार्टी से जुड़े फर्मों में अपना निवेश छोड़ा है, खासकर जब इंटेल सिक्योर एंक्लेव प्रोग्राम का हिस्सा है, जो अमेरिकी रक्षा के लिए सुरक्षित माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति सुनिश्चित करता है।
इंटेल का जवाब और पृष्ठभूमि
इंटेल के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी और टैन अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं और सीनेटर को सीधे जवाब देंगे। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, टैन ने 2012 से 2024 के बीच चीन की सैकड़ों मैन्युफैक्चरिंग और चिप कंपनियों में कम से कम 200 मिलियन डॉलर का निवेश किया।
टैन मार्च में इंटेल के CEO बने, ऐसे समय में जब कंपनी TSMC, सैमसंग और Nvidia जैसी दिग्गज कंपनियों के मुकाबले बाजार में पिछड़ रही है और AI चिप क्रांति तेजी से बढ़ रही है।
यह विवाद इंटेल के नेतृत्व और अमेरिकी तकनीकी-रक्षा क्षेत्र में इसकी भूमिका पर गहरा असर डाल सकता है।

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