अमेरिका में आने वाले टूरिस्ट और बिजनेस यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश विभाग (U.S. State Department) ने एक नई पायलट योजना की घोषणा की है, जिसके तहत कुछ देशों के नागरिकों को $5,000, $10,000 या $15,000 (लगभग ₹4 से ₹12 लाख) तक का वीज़ा बांड जमा करना होगा।

योजना कब से लागू होगी?

यह नीति 5 अगस्त 2025 को फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित होगी और इसके 15 दिन बाद लागू कर दी जाएगी। यह 12 महीने तक चलेगी, यानी अगस्त 2026 तक प्रभाव में रहेगी।

किन लोगों पर लागू होगा यह नियम?

यह नियम केवल उन्हीं देशों के नागरिकों पर लागू होगा:

  • जिनके वीज़ा ओवरस्टे (समय से ज़्यादा रुकना) की दरें बहुत अधिक हैं।
  • जिन देशों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन प्रक्रिया कमजोर मानी जाती है।
  • या फिर जो देश बिना निवास के नागरिकता देते हैं (Citizenship by Investment schemes के तहत)।

यह बांड केवल B-1 (बिजनेस) और B-2 (टूरिज्म) वीज़ा के आवेदकों पर ही लागू होगा।

वीज़ा वायवर प्रोग्राम वाले देशों को छूट

वीज़ा वायवर प्रोग्राम (Visa Waiver Program) के अंतर्गत आने वाले 42 देशों के नागरिकों को इस बांड से छूट दी गई है। इन देशों के नागरिक बिना वीज़ा के 90 दिन तक अमेरिका में घूमने या बिजनेस कर सकते हैं।

कौन से देश प्रभावित हो सकते हैं?

हालांकि अभी तक प्रभावित देशों की सूची घोषित नहीं की गई है, लेकिन DHS (Department of Homeland Security) की एक रिपोर्ट के अनुसार, चाड, लाओस, हैती और कांगो जैसे देशों के वीज़ा ओवरस्टे की दर सबसे ज्यादा है। ऐसे में इन्हें इस सूची में शामिल किया जा सकता है।

क्या है इस नीति का उद्देश्य?

अमेरिकी सरकार का कहना है कि यह कदम:

  • वीज़ा ओवरस्टे को रोकने,
  • विदेशी नागरिकों की पहचान की जांच को बेहतर बनाने,
  • और संबंधित देशों पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है ताकि वे अपने नागरिकों की स्क्रीनिंग मजबूत करें।

क्या है आलोचना?

Cato Institute के इमिग्रेशन विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति बेहद सख्त और अनावश्यक है। उनका मानना है कि इससे अधिकतर लोग अमेरिका आने से बचेंगे, जिससे अमेरिकी टूरिज्म और व्यापार को नुकसान होगा।

Alex Nowrasteh ने कहा, “इस तरह के बांड नियमों से विदेशी पर्यटक हतोत्साहित होंगे, और इसका असर $200 अरब डॉलर से ज़्यादा के अमेरिकी टूरिज्म उद्योग पर पड़ेगा।”

David Bier ने इसे “draconian” यानी क्रूर नीति बताया और कहा कि यह परिवारों को भी प्रभावित करेगा, जो अपने करीबी लोगों से मिलने अमेरिका आते हैं।

और कौन-कौन से बदलाव हुए हैं?

इस योजना के साथ ही ट्रम्प प्रशासन ने और भी कई वीज़ा नियमों को सख्त किया है:

  • वीज़ा रिन्युअल के लिए अब अधिकतर आवेदकों को इन-पर्सन इंटरव्यू देना होगा।
  • वीज़ा डाइवर्सिटी लॉटरी में भाग लेने के लिए वैध पासपोर्ट अनिवार्य किया गया है।
  • $250 का वीज़ा इंटीग्रिटी फी भी जोड़ा गया है।

यह नई वीज़ा बांड योजना अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आव्रजन नियंत्रण एजेंडा का हिस्सा है। लेकिन इससे पर्यटन, व्यापार और व्यक्तिगत यात्राओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। आने वाले समय में यह देखा जाएगा कि यह नीति वाकई ओवरस्टे कम करती है या फिर सिर्फ वैध यात्रियों के लिए बाधा बन जाती है।