प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने रविवार,
10 अगस्त 2025 को बेंगलुरु की
बहुप्रतीक्षित नाम्मा मेट्रो की येलो लाइन
का उद्घाटन किया और बेंगलुरु
से बेलगावी के बीच वंदे
भारत ट्रेन को हरी झंडी
दिखाई। 19.15 किलोमीटर लंबी यह लाइन
आर.वी. रोड से
बोम्मासंद्रा तक फैली है,
जो इलेक्ट्रॉनिक सिटी के हजारों
कर्मचारियों के लिए आवागमन
आसान बनाएगी और सिल्क बोर्ड
जंक्शन पर जाम कम
करने में मदद करेगी।
इस परियोजना का प्रारूप 2011 में
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी)
ने तैयार किया था। निर्माण
2017 में शुरू हुआ था
और इसे दिसंबर 2021 में
पूरा होना था, लेकिन
भूमि अधिग्रहण में देरी, कोविड-19
महामारी और चीनी निर्माता
सीआरआरसी नानजिंग से रोलिंग स्टॉक
की आपूर्ति में रुकावट के
कारण यह परियोजना कई
बार अटकी।
फिलहाल,
इस लाइन पर हर
25 मिनट में एक ट्रेन
चलेगी, जिसे लेकर यात्रियों
ने व्यस्त समय में सुविधा
कम होने की आशंका
जताई है। पीएम मोदी
के दौरे को देखते
हुए राघीगुड़ा मेट्रो स्टेशन और क्रांतिवीर संगोली
रायन्ना सर्किल समेत कई जगह
सुरक्षा कड़ी कर दी
गई थी। प्रधानमंत्री ने
सड़क जाम से बचने
के लिए हेलीकॉप्टर और
मेट्रो से यात्रा की।
इस अवसर पर कर्नाटक
के मंत्री प्रियांक खड़गे ने आरोप लगाया
कि बीजेपी इस परियोजना का
श्रेय ले रही है,
जबकि इसे यूपीए सरकार
के समय शुरू किया
गया था और शुरुआत
में केंद्र ने अधिक लागत
वहन की थी। बाद
में फंडिंग घटने से राज्य
को अधिकांश खर्च उठाना पड़ा।
येलो
लाइन शुरू होने से
बेंगलुरु की मेट्रो नेटवर्क
विस्तार की दिशा में
एक अहम कदम बढ़ा
है, हालांकि यात्री जल्द ही बेहतर
ट्रेन आवृत्ति की उम्मीद कर
रहे हैं।

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