भाजपा नेतृत्व
वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने रविवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी.
राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया। यह फैसला भाजपा
की संसदीय बोर्ड बैठक के बाद लिया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री
अमित शाह समेत शीर्ष नेता मौजूद थे।
बैठक के बाद
भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने नाम की घोषणा करते हुए कहा कि यह निर्णय विस्तृत विचार-विमर्श
के बाद लिया गया है।
कौन हैं सी.पी.
राधाकृष्णन?
चंद्रपुरम पोनुसामी
राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ। वे भाजपा के वरिष्ठ
नेताओं में से एक हैं और दक्षिण भारत में पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका
निभाई है। उन्हें “तमिलनाडु के मोदी” के नाम से भी जाना जाता है।
राधाकृष्णन
ने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में स्नातक की डिग्री हासिल की और कम उम्र से ही आरएसएस और
जनसंघ से जुड़े रहे।
राजनीतिक करियर
- दो बार सांसद: उन्होंने कोयंबटूर
से 1998 और 1999 में लोकसभा चुनाव जीते।
- भाजपा तमिलनाडु अध्यक्ष
(2004-2007): इस दौरान उन्होंने 93 दिन की रथयात्रा निकाली, जिसमें नदी जोड़ो
परियोजना और आतंकवाद विरोधी अभियान शामिल थे।
- उन्होंने भाजपा प्रभारी के रूप में
केरल में भी काम किया और MSME मंत्रालय के तहत ऑल इंडिया कॉयर बोर्ड के अध्यक्ष
रहे।
- उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा
के 58वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2014 में ताइवान गए प्रतिनिधिमंडल
का हिस्सा रहे।
राज्यपाल के
रूप में भूमिका
राधाकृष्णन
31 जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल हैं। इससे पहले वे फरवरी 2023 से जुलाई
2024 तक झारखंड के राज्यपाल रहे। मार्च से जुलाई 2024 तक उन्होंने तेलंगाना के राज्यपाल
और पुडुचेरी के उपराज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला।
चुनाव का कार्यक्रम
उपराष्ट्रपति
पद के लिए चुनाव 9 सितंबर को होगा। नामांकन की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और जांच 22 अगस्त
को होगी।
राधाकृष्णन
की उम्मीदवारी भाजपा की दक्षिण भारत में पकड़ मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा मानी
जा रही है। एनडीए की संख्या को देखते हुए उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है।

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